श्री विठ्ठल माऊली
₹225.00
जहाँ श्रद्धा शब्द बन जाए…
जहाँ सेवा ही साधना हो…
और जहाँ भगवान भक्त की प्रतीक्षा में खड़े हों-
वहीं से जन्म लेती है
“श्री विठ्ठल माऊली”
यह संकलन विठ्ठल की भक्ति में डूबी अनेक आवाज़ों का एक संगम है-
कविता, भजन और कथा के माध्यम से व्यक्त प्रेम, करुणा और विश्वास का उत्सव।
आईए, इस पुस्तक के साथ पंढरपुर की वारी पर चलें,
ईंट पर खड़े विठोबा के सान्निध्य को महसूस करें
और उस भक्ति को जीएँ
जो हर हृदय को जोड़ती है।
विठ्ठल… विठ्ठल… जय हरि विठ्ठल!
Description
जहाँ श्रद्धा शब्द बन जाए…
जहाँ सेवा ही साधना हो…
और जहाँ भगवान भक्त की प्रतीक्षा में खड़े हों-
वहीं से जन्म लेती है
“श्री विठ्ठल माऊली”
यह संकलन विठ्ठल की भक्ति में डूबी अनेक आवाज़ों का एक संगम है-
कविता, भजन और कथा के माध्यम से व्यक्त प्रेम, करुणा और विश्वास का उत्सव।
आईए, इस पुस्तक के साथ पंढरपुर की वारी पर चलें,
ईंट पर खड़े विठोबा के सान्निध्य को महसूस करें
और उस भक्ति को जीएँ
जो हर हृदय को जोड़ती है।
विठ्ठल… विठ्ठल… जय हरि विठ्ठल!
Additional information
| Weight | 0.150 g |
|---|---|
| Dimensions | 15 × 0.5 × 21 cm |






