परी टेल्स: ख़्वाब, फासले और तुम

298.00

“परी टेल्स: ख़्वाब, फासले और तुम” की यह काव्य–यात्रा एक संवेदनशील स्त्री–मन की गहराइयों से निकली हुई भावनाओं का संग्रह है। इस पुस्तक में प्रेम है, प्रतीक्षा है, तन्हाई है , टूटन है, और फिर भी कहीं न कहीं उम्मीद की धीमी-सी लौ जलती हुई दिखाई देती है।

यह केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक ऐसे दिल की डायरी है जो-
ख़्वाब देखता है
फासले सहता है
यादों में जीता है
और इश्क़ को अपने अस्तित्व का हिस्सा मानता है

इन कविताओं में “वो” कभी पास है, कभी दूर; कभी ख़्वाबों में, कभी यादों में; कभी शिकायत है, तो कभी इकरार।
हर रचना एक अलग भाव को छूती है-

इंतज़ार की लंबी रातें, अधूरी मोहब्बत की टीस, रिश्तों की उलझनें, और मन की अनकही बातें।
“परी टेल्स: ख़्वाब, फासले और तुम” हमें याद दिलाती है कि इश्क़ भले अधूरा रह जाए, पर उसकी यादें और एहसास कभी अधूरे नहीं होते।

Description

“परी टेल्स: ख़्वाब, फासले और तुम” की यह काव्य–यात्रा एक संवेदनशील स्त्री–मन की गहराइयों से निकली हुई भावनाओं का संग्रह है। इस पुस्तक में प्रेम है, प्रतीक्षा है, तन्हाई है , टूटन है, और फिर भी कहीं न कहीं उम्मीद की धीमी-सी लौ जलती हुई दिखाई देती है।

यह केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक ऐसे दिल की डायरी है जो-
ख़्वाब देखता है
फासले सहता है
यादों में जीता है
और इश्क़ को अपने अस्तित्व का हिस्सा मानता है

इन कविताओं में “वो” कभी पास है, कभी दूर; कभी ख़्वाबों में, कभी यादों में; कभी शिकायत है, तो कभी इकरार।
हर रचना एक अलग भाव को छूती है-

इंतज़ार की लंबी रातें, अधूरी मोहब्बत की टीस, रिश्तों की उलझनें, और मन की अनकही बातें।
“परी टेल्स: ख़्वाब, फासले और तुम” हमें याद दिलाती है कि इश्क़ भले अधूरा रह जाए, पर उसकी यादें और एहसास कभी अधूरे नहीं होते।

Additional information

Weight 0.300 g
Dimensions 15 × 0.5 × 21 cm