मैं या तू, कवि: सूरज सिंह चौहान
₹219.00
“मैं या तू” केवल एक काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि भावनाओं की उस गहरी यात्रा का दस्तावेज़ है, जहाँ प्रेम अपनी मासूमियत में खिलता है, जुदाई अपने दर्द में बोलती है, और आत्मा अपने ही प्रश्नों से टकराती है। यह पुस्तक उन अनकहे जज़्बातों को शब्द देती है, जो अक्सर दिल में रह जाते हैं; कभी मोहब्बत बनकर, कभी शिकायत बनकर, तो कभी खामोशी बनकर।
सूरज सिंह चौहान की सरल और प्रभावशाली भाषा हर कविता को एक आईना बना देती है, जिसमें पाठक अपने ही अनुभवों और एहसासों को देख सकता है। हर पंक्ति दिल को छूती है, हर शब्द भीतर तक उतरता है।
अगर आपने कभी सच्ची मोहब्बत की है, किसी को खोया है, या खुद को तलाशा है, तो यह किताब आपको आपके ही भीतर कहीं मिल जाएगी।
Description
“मैं या तू” केवल एक काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि भावनाओं की उस गहरी यात्रा का दस्तावेज़ है, जहाँ प्रेम अपनी मासूमियत में खिलता है, जुदाई अपने दर्द में बोलती है, और आत्मा अपने ही प्रश्नों से टकराती है। यह पुस्तक उन अनकहे जज़्बातों को शब्द देती है, जो अक्सर दिल में रह जाते हैं; कभी मोहब्बत बनकर, कभी शिकायत बनकर, तो कभी खामोशी बनकर।
सूरज सिंह चौहान की सरल और प्रभावशाली भाषा हर कविता को एक आईना बना देती है, जिसमें पाठक अपने ही अनुभवों और एहसासों को देख सकता है। हर पंक्ति दिल को छूती है, हर शब्द भीतर तक उतरता है।
अगर आपने कभी सच्ची मोहब्बत की है, किसी को खोया है, या खुद को तलाशा है, तो यह किताब आपको आपके ही भीतर कहीं मिल जाएगी।
Additional information
| Weight | 0.200 g |
|---|---|
| Dimensions | 15 × .5 × 21 cm |






