नीली चीखें
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नीली चीखें केवल एक काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि उन अनगिनत आवाज़ों की गूंज है जो समाज की दीवारों में दबकर रह गईं। यह पुस्तक मध्यमवर्गीय लड़कियों के जीवन की उन परतों को उजागर करती है जहाँ सपनों को सीमाओं में बाँध दिया जाता है, जहाँ शिक्षा एक सवाल बन जाती है, और जहाँ आज़ादी एक अधूरी ख्वाहिश रह जाती है। इन कविताओं में दर्द है—पर हार नहीं। यहाँ आँसू हैं—पर चुप्पी नहीं। हर पंक्ति एक सच्चाई को उजागर करती है—घर की बंद दीवारों से लेकर समाज के क्रूर चेहरे तक। यह संग्रह न केवल पीड़ा का चित्रण करता है, बल्कि विद्रोह, साहस और उम्मीद की लौ भी जलाता है। यह उन लड़कियों की कहानी है जो टूटीं नहीं—बल्कि अपनी ही चीखों को अपनी ताकत बना लिया। अगर आप उन शब्दों को महसूस करना चाहते हैं जो दिल को झकझोर दें और सोच को बदल दें—तो नीली चीखें आपके लिए है।
Description
नीली चीखें केवल एक काव्य-संग्रह नहीं, बल्कि उन अनगिनत आवाज़ों की गूंज है जो समाज की दीवारों में दबकर रह गईं। यह पुस्तक मध्यमवर्गीय लड़कियों के जीवन की उन परतों को उजागर करती है जहाँ सपनों को सीमाओं में बाँध दिया जाता है, जहाँ शिक्षा एक सवाल बन जाती है, और जहाँ आज़ादी एक अधूरी ख्वाहिश रह जाती है। इन कविताओं में दर्द है—पर हार नहीं। यहाँ आँसू हैं—पर चुप्पी नहीं। हर पंक्ति एक सच्चाई को उजागर करती है—घर की बंद दीवारों से लेकर समाज के क्रूर चेहरे तक। यह संग्रह न केवल पीड़ा का चित्रण करता है, बल्कि विद्रोह, साहस और उम्मीद की लौ भी जलाता है। यह उन लड़कियों की कहानी है जो टूटीं नहीं—बल्कि अपनी ही चीखों को अपनी ताकत बना लिया। अगर आप उन शब्दों को महसूस करना चाहते हैं जो दिल को झकझोर दें और सोच को बदल दें—तो नीली चीखें आपके लिए है।
Additional information
| Weight | 0.250 g |
|---|---|
| Dimensions | 15 × 0.5 × 21 cm |






